पिंपल्स कैसे हटाएं, जो सच में मदद करता है
आईने में एक नया पिंपल दिख जाए, और अक्सर पूरे दिन का मूड उसी पर टिक जाता है। किसी ज़रूरी दिन से ठीक पहले माथे या ठुड्डी पर उभरता एक लाल दाना, और मन में तुरंत घबराहट, कि इसे रातों-रात कैसे हटाया जाए। यह परेशानी लगभग हर उम्र के लोगों की है, खासकर किशोरों और नौजवानों की, और इसके साथ ही आती है नुस्खों की बाढ़। कोई टूथपेस्ट लगाने को कहता है, कोई नींबू, कोई महंगी क्रीम का नाम गिनाता है।
यह गाइड आपके साथ सीधी और ईमानदार रहेगी। हम बताएंगे कि पिंपल्स असल में होते क्यों हैं, कौन से उपाय सच में थोड़ी मदद करते हैं, कौन से सिर्फ़ मिथक हैं जो उल्टा नुकसान करते हैं, कौन सी रोज़ की आदतें नए पिंपल आने से रोकती हैं, और कब समझ जाना चाहिए कि अब घरेलू नुस्खे नहीं, किसी expert की ज़रूरत है। रातों-रात सब साफ़ कर देने का कोई झूठा वादा यहां नहीं मिलेगा, क्योंकि त्वचा ऐसे काम नहीं करती।
पहले समझें, पिंपल्स होते क्यों हैं
बिना कारण समझे कोई भी उपाय अंधेरे में तीर चलाने जैसा है। हमारी त्वचा में बहुत सारे छोटे-छोटे रोमछिद्र यानी pores होते हैं, और हर छिद्र के नीचे एक ग्रंथि होती है जो एक कुदरती तेल बनाती है। यह तेल त्वचा को मुलायम और सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरी है।
समस्या तब शुरू होती है जब यह छिद्र बंद हो जाता है। मरी हुई त्वचा की परत, ज़्यादा तेल और बाहरी धूल मिलकर छिद्र के मुंह को ढक देते हैं। बंद छिद्र के अंदर तेल जमा होता रहता है, और वहां मौजूद बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिल जाता है। शरीर इस पर सूजन के साथ जवाब देता है, और यही सूजा हुआ, कई बार मवाद भरा दाना हमें पिंपल के रूप में दिखता है।
इसका सीधा मतलब यह है कि पिंपल गंदगी की कोई सतही चीज़ नहीं है जिसे रगड़कर मिटा दिया जाए। यह त्वचा के अंदर की एक प्रक्रिया है, इसलिए असली समाधान भी सिर्फ़ ऊपर से नहीं, आदतों और अंदरूनी सेहत दोनों से आता है।
पिंपल्स के असली कारण
हर किसी के पिंपल के पीछे एक जैसी वजह नहीं होती। अक्सर कई कारण मिलकर काम करते हैं।
सबसे बड़ा कारण अक्सर hormones होते हैं। किशोरावस्था में, पीरियड के आसपास, और कुछ hormonal बदलावों के दौरान त्वचा की तेल ग्रंथियां ज़्यादा सक्रिय हो जाती हैं, जिससे छिद्र आसानी से बंद होते हैं। यही वजह है कि पिंपल अक्सर तेरह से पच्चीस साल की उम्र में सबसे ज़्यादा परेशान करते हैं, हालांकि ये किसी भी उम्र में हो सकते हैं।
दूसरा बड़ा कारण है त्वचा का बहुत ज़्यादा तैलीय होना। जिन लोगों की त्वचा स्वभाव से oily होती है, उनके छिद्र जल्दी बंद होते हैं। इसके उलट, बहुत रूखी त्वचा पर गलत, भारी products लगाने से भी छिद्र बंद हो सकते हैं।
तीसरा अहम पर अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाने वाला कारण है आदतें। बार-बार गंदे हाथों से चेहरा छूना, तकिये का गिलाफ हफ्तों तक न बदलना, फोन की स्क्रीन का गाल से चिपके रहना, मेकअप लगाकर बिना साफ़ किए सो जाना, और पसीने को देर तक चेहरे पर सूखने देना, ये सब छिद्रों को बंद करने में मदद करते हैं।
इनके अलावा लंबे समय का तनाव, नींद की कमी, और कुछ लोगों में बहुत ज़्यादा मीठा और तला हुआ खाना भी पिंपल को बढ़ा सकते हैं। तनाव और पिंपल का रिश्ता खासकर मज़बूत है, क्योंकि तनाव शरीर के hormones को हिला देता है। अगर आप लगातार दबाव में रहते हैं, तो तनाव कम करने के उपाय वाली गाइड में बताई आदतें त्वचा को भी परोक्ष रूप से मदद करती हैं।
एक और वजह है गलत या बहुत भारी सौंदर्य products का इस्तेमाल। छिद्रों को बंद करने वाली चिकनी creams और तेल कुछ लोगों में पिंपल बढ़ा देते हैं। इसलिए products चुनते समय हल्के और त्वचा के अनुकूल विकल्प बेहतर रहते हैं।
बड़े मिथक जिन पर भरोसा न करें
पिंपल्स के मामले में सबसे ज़्यादा नुकसान अक्सर उपाय की कमी से नहीं, बल्कि गलत उपायों से होता है। कुछ बहुत आम मिथकों को समझ लेना ज़रूरी है।
पहला और सबसे बड़ा मिथक है पिंपल को फोड़ना। लगता है कि दबाकर निकाल देने से जल्दी राहत मिलेगी, पर असल में इससे संक्रमण आसपास फैलता है, सूजन बढ़ती है, और सबसे बुरी बात, पीछे एक गहरा दाग या गड्ढा रह जाता है जो पिंपल से कहीं ज़्यादा दिन तक चेहरे पर दिखता है।
दूसरा मिथक है पिंपल पर टूथपेस्ट लगाना। टूथपेस्ट त्वचा के लिए नहीं बना, उसमें मौजूद तेज़ चीज़ें त्वचा को रूखा और लाल कर देती हैं और जलन बढ़ा देती हैं। इसी तरह सीधे नींबू का रस लगाना भी त्वचा को irritate करता है और धूप में जाने पर दाग गहरा कर सकता है।
तीसरा मिथक है कि बार-बार और ज़ोर से चेहरा धोने या स्क्रब करने से पिंपल जल्दी जाएंगे। सच इसके उलट है। ज़रूरत से ज़्यादा धोना और रगड़ना त्वचा की सुरक्षा परत को कमज़ोर करता है, त्वचा जवाब में और ज़्यादा तेल बनाने लगती है, और हालत बिगड़ जाती है।
चौथा मिथक है कि धूप में बैठने से पिंपल सूख जाते हैं। थोड़ी देर के लिए त्वचा भले सूखी लगे, पर ज़्यादा धूप त्वचा को नुकसान पहुंचाती है और दाग गहरे करती है। कुल मिलाकर, कोई भी तेज़, चुभने वाला या चमत्कारी लगने वाला नुस्खा आज़माने से पहले दो बार सोचें।