घुटनों के दर्द के घरेलू उपाय: राहत पाने के 10 आसान तरीके
शुरुआत एक सच्चाई से
घुटनों का दर्द आजकल सिर्फ़ बुज़ुर्गों की शिकायत नहीं रह गई है। सीढ़ियाँ चढ़ते वक्त, ज़मीन पर बैठकर उठते वक्त, या देर तक खड़े रहने के बाद घुटनों में होने वाली टीस अब कई नौजवानों और बीच की उम्र के लोगों को भी परेशान करती है। अच्छी खबर यह है कि ज़्यादातर हल्के और शुरुआती घुटने के दर्द में कुछ सरल, रोज़मर्रा के बदलाव बड़ा फर्क ला सकते हैं।
पर एक बात पहले साफ़ कर लें। घरेलू उपाय हल्के दर्द, अकड़न और थकान वाले घुटनों के लिए हैं। अगर दर्द किसी चोट से जुड़ा है, बहुत तेज़ है या लगातार बना हुआ है, तो कोई भी घरेलू नुस्खा सही जांच और इलाज की जगह नहीं ले सकता। इस गाइड को उसी नज़रिए से पढ़ें, जल्दी ठीक करने वाले किसी जादू की तरह नहीं।
पहले समझें, दर्द होता क्यों है
बिना कारण जाने राहत टिकाऊ नहीं होती। घुटना हमारे शरीर का सबसे ज़्यादा भार उठाने वाला जोड़ है, और यही वजह है कि यह आसानी से थक भी जाता है।
सबसे आम कारण ज़्यादा वजन है। चलते समय घुटने पर शरीर के वजन का कई गुना दबाव पड़ता है, इसलिए थोड़ा भी अतिरिक्त वजन घुटनों के लिए बड़ा बोझ बन जाता है। दूसरा बड़ा कारण है कमज़ोर मांसपेशियाँ। जब जांघ और घुटने के आसपास की मांसपेशियाँ मज़बूत नहीं होतीं, तो पूरा भार सीधे जोड़ पर आ जाता है।
इसके अलावा घंटों एक ही जगह बैठे रहना, अचानक बहुत ज़्यादा चल लेना, गलत जूते पहनना और उम्र के साथ जोड़ की प्राकृतिक कुशनिंग का कम होना भी दर्द को बढ़ाते हैं। इन कारणों को समझ लेने के बाद नीचे दिए उपाय ज़्यादा मायने रखते हैं।
1. वजन को हल्का करें, घुटनों को राहत दें
अगर सिर्फ़ एक चीज़ चुननी हो, तो वजन कम करना घुटनों के लिए सबसे बड़ा तोहफ़ा है। कुछ किलो वजन घटने से हर कदम पर घुटनों पर पड़ने वाला दबाव काफ़ी कम हो जाता है, और कई लोग बताते हैं कि इससे दर्द में साफ़ फर्क महसूस होता है।
वजन घटाने के लिए किसी सख्त डाइट की ज़रूरत नहीं, बल्कि रोज़ के खाने में थोड़ा संतुलन और हिस्से पर ध्यान काफ़ी है। घर के सादे खाने, दाल, सब्ज़ी और नियंत्रित मात्रा से भी टिकाऊ नतीजे मिलते हैं। शुरुआत के लिए घर पर वजन घटाने की exercise वाली गाइड मददगार है, जिसमें बिना घुटनों पर ज़ोर डाले किए जा सकने वाले विकल्प भी हैं।
2. हल्की exercise से मांसपेशियाँ मज़बूत करें
बहुत से लोग दर्द के डर से घुटना बिल्कुल हिलाना ही बंद कर देते हैं, पर पूरी तरह आराम अक्सर अकड़न और कमज़ोरी बढ़ा देता है। सही तरीका है हल्की, नियमित हरकत जो घुटने के आसपास की मांसपेशियों को मज़बूत बनाए।
बैठकर पैर सीधा उठाना, दीवार के सहारे हल्की स्क्वाट जैसी हरकतें, और कुर्सी पर बैठकर पैर आगे-पीछे करना ऐसे सरल व्यायाम हैं जो जोड़ पर ज़्यादा भार डाले बिना ताकत बढ़ाते हैं। शुरुआत कम गिनती से करें और धीरे-धीरे बढ़ाएँ। किसी हरकत से तेज़ दर्द हो तो उसे रोक दें।
3. चलना बंद न करें, बस सही तरीके से चलें
चलना घुटनों के लिए सबसे सुरक्षित और असरदार गतिविधियों में से एक है, बशर्ते सही तरीके से किया जाए। समतल जगह पर आरामदायक जूते पहनकर धीमी और स्थिर रफ्तार से चलना जोड़ को लचीला रखता है और रक्त संचार बढ़ाता है।
बहुत ज़्यादा एक साथ चलने के बजाय दिन में थोड़ा-थोड़ा कई बार चलें। सख्त या ऊबड़-खाबड़ सतह और लगातार सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने से शुरुआत में बचें। अगर चलते समय दर्द बढ़े तो दूरी घटाएँ, रुकें, और शरीर की सुनें।
4. गर्म और ठंडी सिकाई का सही इस्तेमाल
सिकाई एक पुराना और भरोसेमंद घरेलू तरीका है, बस इसे मौके के हिसाब से चुनना ज़रूरी है। पुराने दर्द और अकड़न में गर्म सिकाई आराम देती है क्योंकि यह मांसपेशियों को ढीला करती है और रक्त संचार बढ़ाती है। वहीं अचानक चोट या सूजन में शुरुआती दिनों में ठंडी सिकाई बेहतर मानी जाती है।
सिकाई हमेशा किसी कपड़े या तौलिये में लपेटकर करें, सीधे त्वचा पर बहुत गर्म या बहुत ठंडी चीज़ न लगाएँ। एक बार में पंद्रह से बीस मिनट काफ़ी है, और दिन में दो से तीन बार दोहरा सकते हैं।
5. हल्की मालिश से आराम
घुटने और उसके आसपास की हल्की मालिश जकड़न कम करने और आराम देने में मदद कर सकती है। किसी सादे तेल को हल्का गुनगुना करके धीरे-धीरे गोलाई में मालिश करने से मांसपेशियाँ ढीली होती हैं और सुकून मिलता है।
ध्यान रहे, मालिश हल्के हाथ से करें, जोड़ को ज़ोर से दबाएँ या मोड़ें नहीं। अगर किसी जगह तेज़ दर्द या सूजन हो, तो उस हिस्से पर दबाव न डालें और पहले कारण की जांच करा लें।