डायबिटीज के लिए डाइट चार्ट, पूरे दिन का सादा देसी प्लान
शुगर यानी डायबिटीज के साथ जीते हुए सबसे बड़ा रोज़ का सवाल यही होता है, अब दिन भर में कब क्या और कितना खाएं। दवा तो डॉक्टर तय कर देते हैं, पर असली मेहनत उस प्लेट पर होती है जो दिन में तीन चार बार आपके सामने आती है।
यह article आपको एक सादा, समय के हिसाब से बंटा हुआ देसी diet chart देने के लिए है, सुबह उठने से लेकर रात सोने तक। ध्यान रखिए, यह जानकारी आपके डॉक्टर की सलाह और इलाज की जगह नहीं लेती, बल्कि उसके साथ मिलकर काम करती है। हर इंसान का शरीर, दवा और routine अलग है, इसलिए इसे एक शुरुआती ढांचे की तरह लीजिए, न कि पत्थर की लकीर।
अगर आप पहले यह समझना चाहते हैं कि शुगर में क्या खाना है और किन चीज़ों से बचना है, तो हमारी विस्तार वाली गाइड शुगर कंट्रोल डाइट चार्ट एक अच्छी शुरुआत है। यहां हम खास तौर पर पूरे दिन के समय और मात्रा पर बात करेंगे।
डायबिटीज में समय और मात्रा इतना क्यों मायने रखते हैं
शरीर खाना खाकर उसे glucose यानी शक्कर में बदलता है, जो खून के ज़रिए cells तक पहुंचकर energy बनती है। डायबिटीज में यह पूरा तालमेल गड़बड़ा जाता है, जिससे खून में शक्कर ज़रूरत से ज़्यादा रहने लगती है।
यहां diet chart का असली मकसद यह है कि दिन भर आपका blood sugar बहुत ऊपर नीचे न झूले। जब आप एक बार में बहुत सारा खाना, खासकर तेज़ शक्कर वाला, खा लेते हैं, तो sugar अचानक चढ़ता है। और जब आप बहुत लंबे समय भूखे रहते हैं, तो कुछ लोगों में यह गिर भी सकता है। इसीलिए खाने का समय, मात्रा और उसके बीच का gap, तीनों को साथ में देखना पड़ता है, सिर्फ यह नहीं कि क्या खाया।
एक और बात। शुगर और वज़न आपस में जुड़े हैं। अगर वज़न धीरे धीरे सही दायरे में आता है तो कई लोगों में sugar control आसान हो जाता है। इसी वजह से यह chart उन्हीं सिद्धांतों पर बना है जो एक संतुलित वज़न घटाने का diet chart में इस्तेमाल होते हैं, बस यहां शक्कर पर ज़्यादा ध्यान है।
सबसे पहला नियम, प्लेट का सही बंटवारा
पूरे दिन का chart याद रखने से पहले एक आसान तस्वीर दिमाग में बिठा लीजिए, जो हर मुख्य खाने पर काम आती है।
अपनी थाली को मन में तीन हिस्सों में बांटिए। आधी थाली सब्ज़ी और सलाद से भरिए, चाहे वो पकी हुई हरी सब्ज़ी हो या कच्चा सलाद। एक चौथाई हिस्सा protein से, जैसे दाल, राजमा, चना, पनीर, दही, अंडा या जो आप खाते हों। और बचा एक चौथाई हिस्सा carbohydrate से, जैसे रोटी, चावल या मिलेट।
यह सादा बंटवारा अपने आप शक्कर को धीमा कर देता है, क्योंकि फाइबर और protein मिलकर खाने को पचने में समय देते हैं और sugar एकदम से नहीं चढ़ता। नीचे दिए पूरे दिन के chart में यही तस्वीर बार बार दिखेगी।
पूरे दिन का देसी diet chart, कब क्या खाएं
नीचे एक आम दिन का ढांचा दिया गया है। समय आप अपनी दिनचर्या के हिसाब से थोड़ा आगे पीछे कर सकते हैं, पर meals के बीच का gap और मात्रा का अंदाज़ा बनाए रखिए।
सुबह उठते ही, करीब 6 से 7 बजे
दिन की शुरुआत एक या दो गिलास सादे पानी से कीजिए। खाली पेट कोई खास जादुई ड्रिंक ज़रूरी नहीं है, पानी सबसे भरोसेमंद है। अगर आपको आदत है तो बिना चीनी की हल्की चाय ले सकते हैं। साथ में चार से छह भीगे बादाम या दो अखरोट लेना अच्छा रहता है, इससे भूख संभली रहती है और अगले खाने पर आप टूट कर नहीं खाते।
अगर आपकी दवा या insulin खाली पेट sugar गिरा देती है, तो सुबह क्या और कब लेना है, यह अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछ लीजिए।
नाश्ता, करीब 8 से 9 बजे
यह दिन का सबसे अहम खाना है। कोशिश कीजिए कि नाश्ते में protein ज़रूर हो। अच्छे देसी विकल्प हैं, मूंग दाल का चीला, बेसन का चीला, दो उबले या भुर्जी वाले अंडे, दही के साथ पोहा, वेज उपमा या एक सब्ज़ी वाली रोटी दही के साथ।
तेज़ शक्कर वाली शुरुआत, जैसे मीठे बिस्किट, ज़्यादा चीनी वाली चाय, या बहुत सारा मीठा paratha, sugar को सुबह ही ऊपर धकेल देती है और फिर दिनभर भूख का pattern बिगड़ता है। नाश्ता ठीक होगा तो बाकी दिन संभालना आसान हो जाता है।
दोपहर से पहले हल्का snack, करीब 11 बजे
अगर नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच लंबा gap है, तो बीच में एक छोटा snack रखिए ताकि आप lunch पर बहुत भूखे होकर ज़्यादा न खा लें। एक मौसमी फल जैसे सेब, अमरूद, पपीता या जामुन, या फिर एक कटोरी दही या छाछ, अच्छे विकल्प हैं। फल साबुत खाइए, जूस बनाकर नहीं।
दोपहर का खाना, करीब 1 से 2 बजे
यहां प्लेट का वही बंटवारा लागू कीजिए। आधी थाली सब्ज़ी और सलाद, एक चौथाई दाल या पनीर या जो protein आप लेते हों, और एक चौथाई रोटी या चावल। अगर चावल पसंद है तो एक छोटी कटोरी काफी है, उसे दाल और खूब सारी सब्ज़ी के साथ balance कीजिए।
एक छोटी सी trick, खाना शुरू सलाद या सब्ज़ी से कीजिए, फिर दाल और protein, और रोटी चावल आखिर में। इस क्रम से भी शक्कर थोड़ी धीमी चढ़ती है। खाने के तुरंत बाद दो चार मिनट टहल लेना भी कई लोगों को अच्छा लगता है।
शाम का हल्का खाना, करीब 5 से 6 बजे
शाम को अक्सर तली हुई चीज़ों और मीठे की तलब सबसे ज़्यादा होती है। इसी वक्त plan काम आता है। भुना चना, मुरमुरे बिना ज़्यादा तेल के, एक कटोरी अंकुरित मूंग, मखाने, या बिना चीनी वाली चाय के साथ थोड़ा भुना नाश्ता अच्छे विकल्प हैं।
अगर बाहर के समोसे, कचौड़ी और मीठे बिस्किट की आदत है, तो उसे एक झटके में छोड़ने के बजाय धीरे धीरे इन देसी विकल्पों से बदलिए। यही वह समय है जहां ज़्यादातर लोग अनजाने में extra शक्कर और तेल खा लेते हैं।
रात का खाना, करीब 8 बजे तक
रात का खाना दिन का सबसे हल्का मुख्य खाना रखिए और कोशिश कीजिए कि सोने से कम से कम दो घंटे पहले खत्म हो जाए। एक या दो रोटी, ढेर सारी सब्ज़ी, थोड़ी दाल या पनीर, और साथ में सलाद, एक अच्छा pattern है। बहुत देर रात भारी और तला खाना कई लोगों की अगली सुबह की reading बिगाड़ देता है।
अगर सोने से पहले भूख लगे तो एक कप बिना चीनी का गुनगुना दूध या थोड़ी छाछ ठीक रहती है। कोशिश कीजिए कि रात में मीठा और तेज़ शक्कर वाली चीज़ें न लें।